धनबाद (झारखंड), 18 अगस्त (भाषा) धनबाद जिला मुख्यालय से लगभग 19 किलोमीटर दूर भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) क्षेत्र में सोमवार को जमीन धंसने की घटना के बाद एक घर ढह गया और एक दर्जन अन्य घरों में दरारें आ गईं। कंपनी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
यह घटना सोमवार तड़के जोगता थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीसीसीएल के मोदीडीह कोलियरी क्षेत्र में स्थित न्यू श्याम बाजार के पास शबरी बस्ती में हुई।
अधिकारी ने कहा, “यह धंसाव सुबह तीन से चार बजे के बीच हुआ, जिसके कारण एक आवासीय संरचना पूरी तरह ढह गई और लगभग एक दर्जन अन्य घरों में दरारें पड़ गईं। अरुण रजक नामक व्यक्ति का घर उस समय ढह गया जब परिवार सो रहा था। किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।’’
निवासियों ने बताया कि रजक के घर की छत और दीवारें गिरने से पहले तेज़ आवाज़ से उनकी नींद खुल गई।
मोदीडीह कोलियरी के परियोजना अधिकारी गोपालजी ने बताया कि प्रभावित परिवार को अस्थायी रूप से मोदीडीह सामुदायिक भवन में स्थानांतरित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बस्ती से विस्थापित सभी परिवारों को तेतुलमारी क्षेत्र में पुनर्वासित किया जाएगा।
घटना के तुरंत बाद घटनास्थल का दौरा करने वाले बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि उन्होंने बीसीसीएल अधिकारियों से मुआवजे के भुगतान में तेजी लाने और पुनर्वास की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वह निवासियों को बार-बार होने वाले भूमि धंसाव के खतरे से बचाने के लिए उचित दीर्घकालिक उपाय करे।
निवासियों ने बताया कि उन्हें 1976-77 में अग्नि प्रभावित क्षेत्र से शबरी बस्ती में स्थानांतरित किया गया था।
इससे पहले 2006 में भी इस क्षेत्र में भू-धंसाव की घटना हुई थी। तब तत्कालीन स्थानीय विधायक और मंत्री जलेश्वर महतो ने भूमिगत गैस उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए भू-धंसाव वाले गड्ढों को भरने का आदेश दिया था।
कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व चेतावनी के बावजूद न तो बीसीसीएल अधिकारियों और न ही जोगता थाने के पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की।
भाषा नोमान नेत्रपाल
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