मेरठ/नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे सेना के एक जवान पर टोल प्लाजा कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के संबंध में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
भारतीय सेना ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल संचालक पर भारी जुर्माना लगाते हुए उसे प्रतिबंधित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि यह घटना रविवार शाम सरूरपुर इलाके के भूनी टोल प्लाजा पर हुई।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर में तैनात गोटका गांव के रहने वाले कपिल अपनी ड्यूटी पर वापस जा रहे थे और इसी दौरान उनकी कार लंबी कतार में फंस गई तथा जब उन्होंने टोल कर्मचारियों से जल्दी रास्ता खाली कराने को कहा तो विवाद शुरू हो गया।
उन्होंने बताया कि देखते ही देखते बहस बढ़ गई और टोल प्लाजा कर्मचारियों ने कपिल से मारपीट की। पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सैनिक के परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छह कर्मचारियों सचिन, विजय, अनुज, अंकित, सुरेश राणा और अंकित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
एनएचएआई ने घटना का संज्ञान लेते हुए सोमवार को टोल संग्रह एजेंसी ‘मेसर्स धरम सिंह’ पर ‘‘अनुबंध का गंभीर उल्लंघन’’ करने का आरोप लगाते हुए उस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने एजेंसी का अनुबंध समाप्त करने और उसे प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
एनएचएआई ने एक बयान में कहा, ”एनएचएआई टोल प्लाजा कर्मचारियों के इस तरह के व्यवहार की कड़ी निंदा करता है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इस बीच, भारतीय सेना की मध्य कमान ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मध्य कमान ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह एक सेवारत सैनिक के खिलाफ इस तरह की घटना की कड़ी निंदा करती है और दोषियों को सजा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया है।
पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत हत्या के प्रयास, गैरकानूनी रूप से एकत्र होने और डकैती के प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। सेना ने एनएचएआई के समक्ष भी विरोध दर्ज कराया है।
मध्य कमान ने कहा, ”भारतीय सेना न्याय सुनिश्चित कराने के लिए प्रतिबद्ध है और मामले को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएगी।”
इस घटना से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में टोल प्लाजा पर इकट्ठा हुए, उन्होंने नारे लगाए और बिना भुगतान के वाहनों को जाने दिया।
भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) नेता और सरधना के पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को शांत करने के लिए कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया।
भाषा सं. जफर सलीम सिम्मी
सिम्मी