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Thursday, January 15, 2026

बेनीवाल और किरोड़ीलाल मीणा की जुबानी जंग, दोनों नेताओं ने खोले एक दूसरे के कच्चे चिट्ठे!

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राजस्थान में एसआई भर्ती-2021 के रद्द होने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद सियासत गरमा गई है। गुरुवार को एक टीवी चैनल के लाइव शो के दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के संयोजक नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के बीच जमकर बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई इस तीखी नोकझोंक ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

दरअसल, जयपुर के शहीद स्मारक पर बीते 127 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के फैसले का जश्न मनाया। इस मौके पर सांसद हनुमान बेनीवाल भी वहां पहुंचे और युवाओं के साथ शामिल हुए। उन्होंने धरने पर बैठे अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए भर्ती में हुई गड़बड़ियों पर सरकार को आड़े हाथों लिया।

आमने-सामने होते तो हालात और होते

इसके बाद मीडिया से बातचीत में बेनीवाल ने किरोड़ी लाल मीणा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि न्होंने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा जिस तू-तड़ाक की भाषा में बात करते हैं, मैं उसे बर्दाश्त नहीं करता। वह फोन पर थे, अगर आमने-सामने होते तो बात कुछ और होती। बेनीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि किरोड़ी लाल फ्रस्ट्रेट हैं और रोज 15 टैबलेट खाते हैं। उन्होंने किरोड़ी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मीणा अपनी ही कौम को गाली देते हैं और किसी के सगे नहीं हैं।

 रेप केस में साथ खड़े होने का दावा

हनुमान बेनीवाल ने किरोड़ी लाल मीणा को खुली चुनौती दी कि वह एक भी कांग्रेस नेता को पेपर लीक मामले में पकड़वाकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि किरोड़ी ने जिन कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाए थे, उनके साथ बैठ गए। कोई उन्हें सीरियसली नहीं लेता। ना उन्होंने कोई पार्टी बनाई, ना उनमें लड़ने का दम है। बेनीवाल ने यह भी दावा किया कि जब किरोड़ी पर रेप के मुकदमे लगे थे, तब वह उनके साथ खड़े थे।

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नरेश मीणा को दोबारा जेल भेजने का आरोप

किरोड़ी लाल मीणा ने बेनीवाल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पैसे लेकर राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को वोट दिया था। इस पर बेनीवाल ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं। किरोड़ी ने नरेश मीणा को दोबारा जेल भिजवाया और समरावता गांव में लोगों को पिटवाया।

’प्राण जाए पर वचन न जाई’

बेनीवाल ने यह भी कहा कि किरोड़ी ने किसान आंदोलन, अग्निवीर योजना और महिला पहलवानों के मुद्दे पर विरोध किया था, जबकि वह उनके साथ खड़े थे। बेनीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि किरोड़ी ने इस्तीफा देकर कि रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई का ट्वीट किया था, लेकिन बाद में इस्तीफा वापस ले लिया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इस हिसाब से तो उन्हें प्राण त्याग देना चाहिए था।

किरोड़ी का हनुमान बेनीवाल को लेकर खुलासा

किरोड़ी लाल मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा- उनका कहना है कि हम उनकी सभा और धरने में नहीं आए। अगर आगे बेनीवाल मंत्री या मुख्यमंत्री बन जाएं तो वे कैसे जा सकते हैं? वो बेवकूफ बनाने वाले बयान दे रहे हैं। अगर आप काम करोगे तो कौनसा एहसान कर रहे हो। आगे किरोड़ी ने कहा कि हनुमान बेनीवाल किसी को गाली दिए बिना नहीं रह सकते। आपसे भी कमरे में बात करके जाएंगे तो बाहर जाकर गाली देंगे, ये उनका कैरेक्टर है।

 

 

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