Nari Shakti Udyam Protsahan Yojana: राजस्थान सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने के लिए वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मकसद खासतौर पर उन महिलाओं को सहारा देना है, जो स्वरोजगार करना चाहती हैं, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को साकार नहीं कर पातीं।
योजना के तहत महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं व्यवसाय शुरू करने के लिए मदद दी जाती है। इसके लिए महिलाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवार तथा समाज के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा कर पाएंगी।
महिलाओं को 50 लाख तक का ऋण
इस योजना के तहत महिला उद्यमियों को अधिकतम 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। वहीं, महिला स्वयं सहायता समूह और फेडरेशन को 1 करोड़ रुपये तक का ऋण देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना का फायदा उठा कर महिलाएं उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, उत्पादन इकाई या किसी भी प्रकार का स्टार्टअप शुरू कर सकती हैं।
दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में महिलाओं को आवेदन करने के लिए अब किसी भी सरकारी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं है। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन SSO पोर्टल के माध्यम से की जाती है। इस योजना के तहत यदि परियोजना की लागत 10 लाख रुपये तक है तो लाभार्थी को केवल 5% स्वयं का अंशदान जमा करना होगा, जबकि 10 लाख से अधिक की परियोजना में यह अंशदान 10% होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से सरल और पारदर्शी रखी गई है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं योजना का लाभ उठा सकें।
महिलाओं को मिलेगा 15 लाख तक का अनुदान
योजना के तहत महिला उद्यमियों को विशेष आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना में सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 25% तक का अनुदान दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 12.5 लाख रुपये है। वहीं विशेष श्रेणी की महिलाएं जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग और हिंसा पीड़ित महिलाएं इससे और अधिक लाभ प्राप्त कर सकती हैं। उन्हें 30% तक का अनुदान दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 15 लाख रुपये तय की गई है।
योजना की अवधि बढ़ाई
शुरुआत में यह योजना मार्च 2024 तक स्वीकृत थी। बाद में इसे मार्च 2025 तक बढ़ाया गया। हाल ही में सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए इसकी अवधि को बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2028-29 तक कर दिया है।
अब तक 38 हजार आवेदन
योजना की शुरुआत से अब तक लगभग 38 हजार महिलाओं ने आवेदन किया है। इनमें से 4 हजार से ज्यादा महिलाओं को ऋण स्वीकृति मिल चुकी है। पिछले वित्तीय वर्ष में ही करीब 9 हजार महिलाओं ने आवेदन किया, जिनमें से 1,400 से अधिक को ऋण स्वीकृत हुआ। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना महिलाओं के बीच लगातार लोकप्रिय हो रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है।
योजना में ऐसे करें आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया
चरण 1: SSO ID बनाएं
इसके लिए सबसे पहले https://sso.rajasthan.gov.in पर जाकर SSO ID बनानी होगी। इसमें आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ईमेल की जरूरत होगी।
चरण 2: आवेदन फॉर्म भरें
SSO पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद Nari Shakti Udyam Protsahan Yojana सेवा को चुनें। आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, फर्म या कंपनी का विवरण, व्यवसाय का स्वरूप, अनुमानित लागत, बैंक विवरण आदि भरना होगा। सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
चरण 3: जिला कार्यालय और बैंक से संपर्क
ऑनलाइन आवेदन के बाद संबंधित जिले की महिला अधिकारिता अधिकारी और बैंक से संपर्क करना होगा। वहां से आवेदन की जांच की जाएगी और फिर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
जरूरी दस्तावेज
-
आधार कार्ड
-
निवास प्रमाण पत्र
-
जाति प्रमाण पत्र (यदि आवेदक SC/ST वर्ग से हैं)
-
बैंक पासबुक की कॉपी
-
पासपोर्ट साइज फोटो
-
व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट
-
कंपनी रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (यदि कंपनी पहले से पंजीकृत है)
-
सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी
महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना ने महिलाओं के लिए नई राह खोल दी है। इस योजना के माध्यम से अब महिलाएं घर की सीमाओं से बाहर निकलकर अपना व्यवसाय खड़ा कर रही हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस योजना के माध्यम से महिला उद्यमिता को और गति मिलेगी और हजारों नए स्टार्टअप तथा छोटे उद्योग स्थापित होंगे।
यह भी पढ़ें: अपने घर का सपना होगा पूरा, जानिए घर बैठे कैसे करें आवेदन और कितने मिलेंगे पैसे ?