राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती (SI भर्ती) पेपर लीक घोटाले पर माहौल गरमा गया है। RPSC के पूर्व चेयरमैन संजय श्रोत्रिय ने हाल के हाईकोर्ट फैसले पर आयोग की भूमिका को गलत ठहराए जाने को अनुचित बताया है। साथ ही उन्होंने तत्कालीन अध्यक्ष भूपेंद्र यादव (पूर्व डीजीपी) और शिव सिंह राठौड़ का भी जिक्र किया।
पूर्व चेयरमैन श्रोत्रिय ने कहा कि परीक्षा में जो भी गड़बड़ी हुई, वह 2021 के कार्यकाल में हुई थी, जब भूपेंद्र यादव अध्यक्ष थे। उसके बाद शिव सिंह राठौड़, फिर जसवंत राठी अध्यक्ष बने। श्रोत्रिय ने टिप्पणी की, “मैं फरवरी 2022 में अध्यक्ष बना। गड़बड़ी 2021 की है, इसमें मैं क्या कहूं?”
इंटरव्यू शुरू हुए, तक तक राईका रिटायर्ड हो गए थे
उनका कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में जनवरी 2023 में इंटरव्यू शुरु करवाए थे और तब तक पुलिस अधिकारी राईका रिटायर हो चुके थे। “कौन अध्यक्ष से मिलने आया, इसकी मेरे पास कोई जानकारी या रिकॉर्ड नहीं है।” श्रोत्रिय ने बताया कि “मेरे कार्यकाल में हमने 50 से ज्यादा मुकदमे SOG और थानों में दर्ज कराए। बाबूलाल कटारा (RPSC सदस्य) उसी समय गिरफ्तार हुआ। ईडी ने भी जांच की थी, जहां हमने सारे दस्तावेज दिखाए। अगर हमारे कार्यकाल में कोई गड़बड़ी होती तो जरूर उजागर हो जाती।”
हर बोर्ड में होते हैं 2 अधिकारी
श्रोत्रिय ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि “इंटरव्यू बोर्ड में हमेशा तीन बोर्ड होते हैं, हर बोर्ड में दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनिवार्य रूप से रहते हैं।”घोटाले में सवाल उठा है कि इन पैनलों में कौन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहते हैं, जिनकी मौजूदगी पर गोपनीयता बरती जाती है, लेकिन प्रक्रिया के मुताबिक हर इंटरव्यू बोर्ड में DIG/IG रैंक के पुलिस अफसर शामिल रहते हैं।
कोर्ट ने रद्द की थी SI भर्ती
राजस्थान हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में SI भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द कर दिया। कोर्ट के मुताबिक परीक्षा में पेपर लीक, नकल और डमी कैंडिडेट्स की बड़े पैमाने पर शिकायतें सामने आईं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भर्ती की पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से प्रभावित रही और RPSC के छह अधिकारियों की भूमिका सवालों के घेरे में रही।
सरकार और चयनित उम्मीदवारों ने रद्द करने का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने पूरी भर्ती को रद्द करने का आदेश दिया है। अब इस परीक्षा के लिए नई भर्ती में 897 अतिरिक्त पद जोड़े जाएंगे। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद RPSC के पूर्व और वर्तमान सदस्यों तथा संजय श्रोत्रिय की भूमिका फिर से चर्चा में है।
अब तक 122 गिरफ्तार
पुलिस और जांच एजेंसियों ने अब तक 122 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कई सरकारी कर्मचारी, चुने गए SI और अभ्यर्थी शामिल हैं। SOG ने गंभीर जांच की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं हुईं और प्रक्रिया को दोहराना ही न्यायपूर्ण है।
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