स्वर्णनगरी जैसलमेर और फ्रांस का ऐतिहासिक शहर कारकासोन अब ‘जुड़वां शहर’ कहलाएंगे। दोनों शहरों के बीच ज्वॉइंट सिटी एग्रीमेंट (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
जैसलमेर और कारकासोन की ऐतिहासिक बसावट और किलों की वास्तुकला एक जैसी है। इसी को देखते हुए दोनों को जुड़वां शहर का दर्जा मिला। इस समझौते पर कारकासोन के मेयर जेरार्ड लैरेट और जैसलमेर नगर परिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा ने हस्ताक्षर किए।
जैसलमेर को नई वैश्विक पहचान की उम्मीद
कार्यक्रम में जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराजसिंह सांस्कृतिक प्रतिनिधि के तौर पर मौजूद रहे। इस समझौते के तहत दोनों शहर संस्कृति, विरासत और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को साझा करेंगे। इस साझेदारी से जैसलमेर को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि जैसलमेर और फ्रांस के ऐतिहासिक नगर कारकासोन के मध्य संस्कृति, विरासत और विकास को साझा करने के लिए ‘ट्विनिंग ऑफ सिटीज’ अवधारणा के तहत महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस दौरान दोनों शहरों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा।
हर साल 40 लाख पर्यटक पहुंचते हैं कारकासोन
एमओयू के तहत प्रयास किया जाएगा कि कारकासोन की तर्ज पर जैसलमेर में भी पर्यटन सुविधाएं बढ़ाई जाएं, जिससे अधिक पर्यटक आकर्षित हों। जैसलमेर की तरह कारकासोन भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यहां हर साल करीब 40 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। कारकासोन का इतिहास बेहद समृद्ध है। यह शहर करीब 800 ईसा पूर्व कार्सक बस्ती के रूप में बसा था।
दोनों शहरों के बीच नीतिगत हस्तांतरण पर चर्चा
पिछले साल अक्टूबर में कारकासोन के उपमहापौर जॉन लुइस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जैसलमेर पहुंचा था। यह दौरा पूर्व महारावल चैतन्यराजसिंह के आमंत्रण पर हुआ था। इस दौरे के दौरान दोनों शहरों के बीच नीतिगत हस्तांतरण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई थी। इसमें पर्यटन, सांस्कृतिक संरक्षण और शहरी विकास जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। उस समय ‘यूनाइटेड नेशंस ट्यूनिंग एंड सिटीज’ कांसेप्ट के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, किलों की सुरक्षा और शहर के मास्टर प्लान तैयार करने जैसे मुद्दों पर भी बात हुई।
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1. जैसलमेर और कारकासोन के बीच हुआ यह समझौता क्या है?
जैसलमेर (राजस्थान) और कारकासोन (फ्रांस) के बीच ‘ज्वॉइंट सिटी एग्रीमेंट (MoU)’ साइन हुआ है, जिसके तहत दोनों शहर संस्कृति, विरासत और विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करेंगे।
2. जैसलमेर और कारकासोन को जुड़वां शहर क्यों कहा गया?
दोनों शहरों की ऐतिहासिक बसावट, किलों की वास्तुकला और सांस्कृतिक धरोहरें काफी हद तक एक जैसी हैं। इसी कारण इन्हें ‘ट्विन सिटीज’ का दर्जा दिया गया।
3. इस समझौते से जैसलमेर को क्या फायदा होगा?
इस साझेदारी से जैसलमेर को अंतरराष्ट्रीय पहचान, पर्यटन के विकास, निवेश में वृद्धि और धरोहर संरक्षण में तकनीकी सहयोग मिलने की उम्मीद है।
4. कारकासोन की खासियत क्या है?
कारकासोन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, जहां हर साल करीब 40 लाख पर्यटक आते हैं। यह शहर करीब 800 ईसा पूर्व कार्सक बस्ती के रूप में बसा था और यूरोप के प्रमुख ऐतिहासिक शहरों में गिना जाता है।
5. दोनों शहरों के बीच पहले भी क्या बातचीत हुई थी?
अक्टूबर 2024 में कारकासोन के उपमहापौर जॉन लुइस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जैसलमेर आया था। उस समय यूनाइटेड नेशंस ट्यूनिंग एंड सिटीज’ कांसेप्ट पर पर्यटन, धरोहर संरक्षण, जल प्रबंधन और शहर के मास्टर प्लान पर चर्चा हुई थी।