सीकर। विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश सरकार पर बड़ा बयान दिया है। डोटासरा ने कहा कि इस सरकार में मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों की बात कोई नहीं सुनता, चाहे वह चपरासी, एसडीएम या तहसीलदार ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि SI भर्ती रद्द हो चुकी है, लेकिन दिल्ली से कोई पर्ची नहीं आई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सीएम-मंत्री की कंट्रोवर्सी चल रही है।
दरअसल, डोटासरा आज सीकर के लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बीदसर गांव के पंचायत भवन लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ सीकर सांसद अमराराम, नगरपालिका अध्यक्ष मुस्तफ़ा कुरैशी और कई अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा, “विधानसभा में सरकार की नाक में नकेल डालकर उन्हें मजबूर करेंगे कि जनता की आवाज़ सुननी पड़ेगी और जनता के काम करने पड़ेंगे। सीएमआर में बैठकर थोथी गाल बजाना बंद करें।”
इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला है। डोटासरा ने कहा, “70 साल के इतिहास में इतनी बुरी स्थिति नहीं हुई। कोई विकास नहीं है, कोई विजन नहीं है और जनता के काम नहीं हो रहे। 5 साल बाद भी चुनाव नहीं करवा पा रहे हैं।”
चुनाव कराने में न मंशा, न क्षमता
उन्होंने आगे कहा, “एक तरफ सरकार कहती है कि दिसंबर में चुनाव करवा देंगे, दूसरी तरफ कहते हैं कि 2027 में कराएंगे। परिसीमन उल्टा-सीधा किया गया, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतें बनाईं, लेकिन जनता का काम अभी भी रुका है।” डोटासरा ने नगर स्तर पर हुए बंटवारे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “हमारे नगर में जबरदस्ती नरोदड़ा और मानासी को मिला दिया, लेकिन आज तक यह नहीं पता कि उनके वार्ड कितने हुए। जो काम मई में होना चाहिए था, वह अब अगस्त तक भी नहीं हुआ। सरकार की मंशा नहीं है कि चुनाव हो, और यह कैपेबल भी नहीं है इसलिए दिक्कत बनी हुई है।”
दिल्ली से पर्ची नहीं आई
सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। डोटासरा ने कहा कि सरकार के पास दिल्ली से पर्ची नहीं आई, इसलिए अपने-अपने मन के टोरे लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “कोई लेना-देना नहीं, किसी को कुछ पता नहीं है और कुछ करना भी नहीं है। बस कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई अच्छी योजनाओं को बंद करना, उन्हें गाली देना और भ्रामक दुष्प्रचार करना ही उनका काम बन गया है।”
आपका विधि मंत्री कह रहा है कि भर्ती निरस्त
डोटासरा ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि“जब आपने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया और टीम ने लिखा कि भर्ती निरस्त होनी चाहिए, तो फिर पौने दो साल तक इसे क्यों नहीं निरस्त किया। अब जब हाईकोर्ट ने भर्ती निरस्त कर दी, तब आपका विधि मंत्री कह रहा है कि भर्ती निरस्त नहीं की गई। जनता के सामने एक बार साफ बात तो रखिए।”
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