राजस्थान में अब इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को नई रफ्तार मिलेगी। राज्य की विधानसभा ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान लैंड रेवेन्यू (अमेंडमेंट एंड वैलिडेशन) बिल, 2025 पास कर दिया है। इस बिल का मुख्य मकसद राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना और व्यापार को आसान बनाना है।
सरकार का दावा है कि इस नए कानून से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इस बिल को राजस्थान के इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को मजबूत करने की दिशा में एक अहम फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य को निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा।
राजस्थान में औद्योगिक विकास को नए आयाम देने की तैयारी
राजस्थान सरकार ने औद्योगिक निवेश को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। उद्योग क्षेत्रों के नियमन और विकास की जिम्मेदारी निभाने वाली राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (RIICO) की जमीनों से जुड़े जटिल मामलों को सुलझाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट, 1956 में संशोधन लाने का प्रस्ताव पेश किया है।
सरकार ने RIICO की जमीन को दी कानूनी मान्यता
इस नए प्रावधान के तहत RIICO को जो भी भूमि सरकार द्वारा प्रदान की गई है — पूर्ववर्ती या आगामी — उसे सभी कानूनी उद्देश्यों के लिए पूर्ण मान्यता दी जाएगी। इससे लंबित विवाद समाप्त होंगे और निवेशकों को इस बात का आश्वासन मिलेगा कि उनके द्वारा किए जा रहे निवेश की जमीन से जुड़ी हर प्रक्रिया पर पूर्ण वैधता रहेगी।
औद्योगिक निवेश को मिलेगा बढ़ावा
जोगाराम पटेल ने बताया कि यह कदम राज्य में औद्योगिक विस्तार की राह में प्रमुख अड़चनों को दूर करेगा। इससे उद्योगपति, छोटे- बड़े निवेशक और उद्यमी अधिक भरोसे के साथ राजस्थान में अपने व्यवसायिक कदम रख सकेंगे। उनका कहना है कि अब जमीन से जुड़े लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सरल हो जाएंगी।
RIICO को मिले ये खास अधिकार
- RIICO अब भूखंडों के ट्रांसफर और सब-डिविजन को कानूनी रूप से मान्य कर सकेगा।
- जिन भूखंडों में अनियमितता थी, उनका रेगुलराइजेशन करना अब आसान हो जाएगा।
- इंडस्ट्रियल प्लॉट के यूज में बदलाव या स्पेसिफिकेशन करना अब कानूनी रूप से मान्य होगा।
- इंडस्ट्रियल एरिया के लेआउट प्लान बनाना और उनमें बदलाव करना भी अब RIICO के अधिकार में होगा।
- प्लॉट्स का निपटान करना और आवश्यक अनुमतियां देना भी अब RIICO के लिए आसान होगा।
- इंडस्ट्रियल एरिया में डेवलपमेंट कामों को लागू करने के लिए RIICO को अब और भी मजबूत कानूनी आधार मिलेगा।
- मंत्री ने साफ किया कि ये सभी अधिकार RIICO को अपने औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक योजना बनाने और रेगुलेटरी अथॉरिटी के रूप में काम करने के लिए सशक्त बनाएंगे।
निवेश की प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
राजस्थान में निवेशकों को दी जाने वाली जमीन को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे में सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए नए कानून का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से स्पष्ट बनाना है। इस कानून के लागू होते ही अब निवेशकों को यह सुनिश्चितता रहेगी कि उन्हें मिली जमीन पूरी तरह से वैध है। इससे न केवल नए उद्योग स्थापित करने में आसानी होगी, बल्कि पुराने विवादों से भी निजात मिलेगी।
पूर्व में जहाँ दस्तावेजों की मान्यता और जमीन से जुड़े नियमों में अस्पष्टता रहती थी, वहीं अब यह संशोधन राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक मजबूत आधार बनेगा। राजस्थान में निवेश का रास्ता होगा साफ
जोगाराम पटेल ने स्पष्ट किया कि राज्य में औद्योगिक जमीन से जुड़े पुराने विवाद और अड़चनें अब पीछे छूटने वाली हैं। उनका कहना है कि यदि जमीन संबंधी नियम साफ और स्पष्ट हों, तो उद्योगपति बिना किसी हिचकिचाहट के राजस्थान में नए निवेश लाने को तैयार होंगे।
यह कदम न केवल औद्योगिक परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। नए उद्योग बनने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि यह बदलाव राजस्थान को निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद प्रदेश के रूप में स्थापित करेगा। अब राज्य में औद्योगिक निवेश का माहौल पहले से कहीं अधिक स्थिर, आसान और आकर्षक होगा।
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