राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में सरकारी कार्यालय के अनुशासन पर सवाल खड़ा हो गया है। शहर के दाहोद मार्ग स्थित सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) कार्यालय में रविवार को छुट्टी के दिन शराब पार्टी चल रही थी। विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर जे.के. चारण को गुप्त सूचना मिली कि कुछ कर्मचारी कार्यालय परिसर में शराब का सेवन कर रहे हैं। इस पर उन्होंने अचानक छापा मारा, जिससे हड़कंप मच गया। छापे में विभाग के लेखा शाखा के अकाउंटेंट गौतम कुमार सोनी समेत तीन अन्य लोग शराब पीते हुए पकड़े गए। पुलिस ने मौके से बीयर की बोतलें बरामद कीं और एक आरोपी को हिरासत में लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 2 बजे एसई जे.के. चारण को फोन पर सूचना मिली कि PHED कार्यालय में कुछ लोग शराब पी रहे हैं। तुरंत अपनी टीम के साथ कार्यालय पहुंचे तो लेखा शाखा के कमरे में शराब की महक और बीयर की खाली बोतलें नजर आईं। वहां अकाउंटेंट गौतम सोनी, दो अन्य युवक और एक व्यक्ति शराब के नशे में धुत अवस्था में पाए गए।
एसई ने तीन के खिलाफ दर्ज कराई लिखित शिकायत
अचानक अधिकारी को देखकर अकाउंटेंट गौतम सोनी और दो अन्य युवक पीछे के दरवाजे से भाग निकले, जबकि चौथा व्यक्ति भागने में नाकाम रहा। एसई जे.के. चारण ने उसे तुरंत पकड़ लिया और पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वे छुट्टी के दिन कार्यालय में ही बैठे थे और ‘समय काटने’ के बहाने शराब पी रहे थे। इसके बाद चारण ने तुरंत राजतालाब थाने को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छापे स्थल का मुआयना किया। वहां से दो खाली बीयर की बोतलें और एक आधी बोतल बरामद की गई। पकड़े गए युवक को थाने ले जाया गया और उसका बयान दर्ज किया गया। एसई चारण ने विभागीय अकाउंटेंट गौतम सोनी और अन्य तीन लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

जिला कलेक्टर ने रिपोर्ट की तलब
दर्ज शिकायत में अनुशासनहीनता, सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और शराबबंदी कानून के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। बांसवाड़ा के PHED कार्यालय में जिले की जल आपूर्ति और स्वच्छता योजनाओं का संचालन होता है, जहां सैकड़ों कर्मचारी तैनात हैं। छुट्टी के दिन कार्यालय बंद रहना चाहिए था, लेकिन ताले खुले पाए गए और अंदर अव्यवस्था देखने को मिली, जिससे विभाग की छवि धक्का खाई है। विभागीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया है। PHED के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताते हुए एसई जे.के. चारण की कार्रवाई की सराहना की है। जिला कलेक्टर ने सोमवार को पूरी रिपोर्ट तलब की है। दोष साबित होने पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच के साथ आपराधिक मुकदमा भी चलेगा।
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