विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोने की मौजूदा तेज बढ़ोतरी 2025 में भी जारी रहेगी और इस धनतेरस पर सोने की कीमतें 10 ग्राम के लिए 1.3 लाख रुपए तक पहुंच सकती हैं। 2026 की शुरुआत तक यह कीमतें 1.5 लाख रुपए के स्तर को भी छू सकती हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड कीमतों के बावजूद केंद्रीय बैंकों और ईटीएफ की मजबूत खरीदारी, साथ ही आगामी ब्याज दरों में संभावित कटौती और फिएट करेंसी में भरोसे की कमी के कारण सोने की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी।
सोने की कीमत 1.22 लाख प्रति 10 ग्राम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इस हफ्ते दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने की कीमत 1,22,284 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह तेजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों के कारण है।
सोने की कीमत 1.22 लाख तक पहुंची
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट के तहत सोने की कीमत इस हफ्ते 1,22,284 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों से प्रेरित है।

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी
विशेषज्ञों ने बताया कि कमजोर अमेरिकी डॉलर ने दूसरी मुद्राओं में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सोना किफायती बना दिया है, जिससे इसकी मांग बढ़ी है। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही।
सोने-चांदी में लगातार आठवीं साप्ताहिक बढ़त
शुरुआती कारोबार में, एमसीएक्स पर सोने का दिसंबर वायदा 1.62 प्रतिशत बढ़कर 1,23,313 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी का दिसंबर वायदा 3.44 प्रतिशत बढ़कर 1,51,577 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना शुक्रवार को 4,060 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, यह लगातार आठवीं साप्ताहिक बढ़त है। वहीं, चांदी 1.1 प्रतिशत बढ़कर 51 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
ट्रंप ने दूसरे बयान में नरम रुख किया
सोने और चांदी की कीमतों में ताजा उछाल ऐसे समय आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार शुल्क को लेकर कड़ी बयानबाजी हुई। रविवार को चीन ने अमेरिका से नए शुल्कों की धमकी देने से बचने और बातचीत पर लौटने का आग्रह किया, साथ ही नए उपाय लागू होने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी वस्तुओं पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी थी, लेकिन बाद में अपने दूसरे बयान में उनका रुख नरम हो गया।
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