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Wednesday, January 14, 2026

Rajasthan: टीचर की डांट, 18 महीने तक बुलिंग; CBSE रिपोर्ट ने अमायरा केस में खोली नीरजा मोदी स्कूल की चौंकाने वाली सच्चाई

NewsRajasthan: टीचर की डांट, 18 महीने तक बुलिंग; CBSE रिपोर्ट ने अमायरा केस में खोली नीरजा मोदी स्कूल की चौंकाने वाली सच्चाई

Amaira Case: जयपुर के प्रतिष्ठित नीरजा मोदी स्कूल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 1 नवंबर को स्कूल की चौथी मंजिल से कक्षा 4 की छात्रा अमायरा के कूदने की घटना के बाद अब CBSE ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि सुरक्षा नियमों और संबद्धता उपनियमों के गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर यह स्पष्ट करें कि स्कूल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

जांच में सामने आईं स्कूल की बड़ी लापरवाहियां

CBSE ने दो सदस्यों की एक जांच समिति गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट में कई गंभीर कमियां उजागर हुईं, जिनसे स्कूल प्रबंधन द्वारा सुरक्षा और छात्र संरक्षण नियमों की अनदेखी साफ झलकती है।

  1. साक्ष्य मिटाने की आशंका

घटना 1 नवंबर को दोपहर 12:28:11 पर हुई। जिस स्थान से छात्रा गिरी, उस जगह को फॉरेंसिक जांच से पहले ही धुलवा दिया गया, जिसे समिति ने साक्ष्य मिटाने का प्रयास माना।

  1. 18 महीनों तक बुलिंग की शिकायतों की अनदेखी

मां ने 2 मई 2024 को शिकायत की थी कि एक बच्चे ने अमायरा की ओर मिडिल फिंगर किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 24-25 जुलाई 2024 को परिजनों ने अमायरा के रोने के ऑडियो के साथ स्कूल को बुलिंग की शिकायत दी। सितंबर 2024 की PTM में पिता ने लगातार परेशान किए जाने की शिकायत की। 10 अक्टूबर 2024 को एक बच्चे ने गलत अफवाह फैलाई कि अमायरा ने उसे I Love You कहा है, जिसके बाद कई बच्चे उसे चिढ़ाने लगे—इससे बच्ची बेहद परेशान रहने लगी।

  1. छात्रा ने 45 मिनट में पांच बार मदद मांगी

समिति के मुताबिक सुबह बच्ची सामान्य थी, लेकिन 11 बजे कुछ बच्चों ने उसे परेशान किया और डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखकर दिखाया। परेशान छात्रा ने 45 मिनट में 5 बार क्लास टीचर पुनीता शर्मा से मदद मांगी, लेकिन टीचर ने गंभीरता से न लेते हुए उसे डांट दिया। टीचर ने बयान में स्वीकार किया कि बच्चे ‘बैड शब्दों’ का इस्तेमाल करते थे।

  1. सुरक्षा और संरचना से जुड़े बड़े उल्लंघन

स्कूल में 5000+ छात्रों के बावजूद कई सीसीटीवी कैमरे खराब थे। बच्चे और स्टाफ आईडी कार्ड नहीं पहन रहे थे। स्कूल बिल्डिंग में नियमों से अधिक फ्लोर बनाए गए। ऊपरी मंजिलों पर सुरक्षा जाल (Safety Net) नहीं था। फ्लोर अटेंडेंट की भी कमी मिली। रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट, NCPCR, NDMA और राष्ट्रीय भवन संहिता के नियमों का उल्लंघन पाया गया।

रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता

CBSE ने नीरजा मोदी स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा है।
यदि स्कूल उचित जवाब देने में विफल रहता है, तो उपनियमों के अध्याय 12 के तहत चेतावनी, जुर्माना, संबद्धता निलंबित, मान्यता रद्द करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि छात्र सुरक्षा, स्कूल संरचना, शिक्षण-प्रक्रिया और संरक्षण से जुड़ी गाइडलाइनों का पालन हर संबद्ध स्कूल के लिए अनिवार्य है।

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