Rajasthan Politics: राजस्थान के बाड़मेर जिले में जहां सर्दी अपने असर दिखा रही है, वहीं सियासत का पारा भी तेजी से चढ़ता नजर आ रहा है। कांग्रेस द्वारा 45 जिलाध्यक्षों की सूची जारी किए जाने के बाद बाड़मेर कांग्रेस में खुलकर गुटबाजी सामने आ गई है। एक गुट नए जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा की नियुक्ति से नाराज दिखाई दिया, जबकि दूसरा गुट उनके चयन से संतुष्ट दिखा। इसी राजनीतिक खींचतान के बीच शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक और दलित वर्ग को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है।
‘कांग्रेस अब गोत्र की राजनीति कर रही है’
विधायक भाटी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने घोषित सूची में एससी वर्ग के किसी भी पुरुष को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया, बल्कि सिर्फ महिलाओं को इसलिए पद दिया गया ताकि समाज को कमजोर किया जा सके। उनका कहना था कि यह वास्तविक भागीदारी नहीं, बल्कि दिखावटी प्रतिनिधित्व है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पहले धर्म की राजनीति करती थी, फिर जाति की और अब गोत्र की राजनीति पर उतर आई है।”
लक्ष्मण सिंह गोदारा की नियुक्ति पर भी सवाल
नए बाड़मेर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा की नियुक्ति को लेकर भी विधायक भाटी ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि गोदारा बायतू विधायक हरीश चौधरी के करीबी हैं और बालोतरा जिले के रहने वाले होने के बावजूद उन्हें बाड़मेर का जिलाध्यक्ष बना दिया गया। भाटी ने कहा कि इससे यह साफ है कि “कांग्रेस की स्टीयरिंग आज भी बाहरी हाथों में है और पार्टी उन समाजों को दरकिनार कर रही है जो वर्षों से उसके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।
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