राजधानी जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा किया गया एक कदम अब विवाद का कारण बन गया है। वैशाली नगर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में जेडीए ने दुकानों और मकानों के साथ-साथ सीधे भगवान शिव मंदिर के नाम नोटिस चस्पा कर दिया। इस अजीबोगरीब कार्रवाई ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है और इलाके में भारी आक्रोश पनप गया है।
भगवान को ही जारी कर दिया नोटिस
गांधीपथ वेस्ट इलाके में सड़क को 100 फीट तक चौड़ा करने की योजना के चलते जेडीए ने अतिक्रमण चिन्हित किए। इसी प्रक्रिया में जोन-7 उपायुक्त द्वारा कराए गए पीटी सर्वे के आधार पर पाया गया कि मंदिर की बाउंड्री रोड सीमा में 1.59 मीटर तक आ रही है, जिसे अतिक्रमण मानते हुए नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस पर मंदिर समिति या ट्रस्ट का नाम लिखने के बजाय सीधे “भगवान शिव मंदिर” को ही 7 दिन में जवाब देने को कहा गया।
धार्मिक भावनाएं आहत, लोगों का विरोध
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने जेडीए की कार्रवाई को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया। लोगों का कहना है कि नोटिस मंदिर के प्रबंधन, ट्रस्ट या संबंधित व्यक्तियों को भेजा जाना चाहिए था, न कि स्वयं भगवान के नाम। इलाके में इसे लेकर विरोध शुरू हो गया है और कई लोग जेडीए से औपचारिक माफी की मांग कर रहे हैं।
7 दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई
जेडीए द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि 7 दिनों के भीतर जवाब देना होगा, अन्यथा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है और जेडीए को इस गलती को जल्द सुधारना चाहिए।
मकान मालिकों को भी दिए गए नोटिस
21 नवंबर को जेडीए ने इसी क्षेत्र में 70 दुकानदारों और मकान मालिकों को नोटिस जारी किए थे। सड़क चौड़ीकरण की तैयारी के चलते कई निर्माणों को अतिक्रमण श्रेणी में चिह्नित किया जा रहा है। इस अनोखे नोटिस ने जेडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और मामले ने प्रशासन को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।
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