Rajasthan News: राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार को राजसमंद दौरे के दौरान सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में अवैध अतिक्रमण या धार्मिक स्थल (मजार, मंदिर या अन्य संरचनाएँ) बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। मंत्री ने साफ कहा कि यदि किसी स्कूल परिसर में ऐसे अवैध ढांचे पाए जाते हैं, तो संस्था प्रधान के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
चार स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण
एक दिवसीय दौरे पर राजसमंद पहुंचे मंत्री दिलावर ने खटीक समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में शिरकत करने के बाद पिपलांत्री मार्ग पर पड़ने वाले चार सरकारी स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। दो स्कूलों में शौचालयों में भारी गंदगी, टूटी सुविधाएँ और अव्यवस्था देखकर मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जबकि अन्य दो स्कूलों के परिसर में मजार और पीर जैसे धार्मिक ढांचे बने मिले—जिस पर उन्होंने गंभीर नाराजगी जताई और इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया।
सरकारी आदेशों का पालन होना तय है-दिलावर
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजस्थान के किसी भी सरकारी स्कूल में धार्मिक स्थल या अवैध कब्जे स्वीकार्य नहीं। नियमों का पालन हर हाल में होगा, और दोषी संस्था प्रधान पर कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल शिक्षा का केंद्र है, धार्मिक गतिविधियों का नहीं, इसलिए परिसर को विवादों और अतिक्रमण से मुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षकों की कमी पर पिछली सरकार को ठहराया जिम्मेदार
अपने दौरे के दौरान मंत्री दिलावर ने संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बिना योजना के स्कूल खोल दिए, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की, जिसका खामियाजा आज की सरकार और छात्र दोनों उठा रहे हैं। मंत्री ने आश्वस्त किया कि मौजूदा सरकार जल्द ही नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी और संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा।
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