जानिए राजस्थान ऊर्जा विकास के 630 मेगावाट बिजली ख़रीद पर क्यों उठ रहे हैं सवाल

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RUVITL(राजस्थान ऊर्जा विकास और आईटी सर्विसेज लिमिटेड) को विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियों से समय-समय पर प्रस्ताव प्राप्त होते रहे हैं, जिनमें सोलर, हाइब्रिड (सोलर + विंड), सोलर + ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS), हाइब्रिड + ESS, FDRE (निरंतर व नियंत्रित नवीकरणीय ऊर्जा) और हाइड्रो परियोजनाओं के माध्यम से बिजली आपूर्ति की पेशकश की जाती है.

हालांकि, पूर्व में इन प्रस्तावों की व्यवहारिकता या आर्थिकता का मूल्यांकन करने की बजाय RUVITL ने कई बार गौण कारणों के आधार पर इन्हें अस्वीकार कर दिया है जैसे कि एजेंसी द्वारा प्रस्तावित ट्रेडिंग मार्जिन ₹0.007 प्रति यूनिट.

इस रवैये के चलते, RUVITL ने SECI द्वारा दी गई सस्ती सौर ऊर्जा की पेशकश ठुकरा दी और इसके स्थान पर 1000 मेगावाट की सौर ऊर्जा खरीद के लिए निविदा निकाली, जिसमें अंततः SECI के ऑफर से अधिक दर पर बिजली खरीदी गई। यह RUVITL द्वारा पूर्व में अपनाई गई नीति के भी विपरीत है.

वहीं दूसरी ओर, RUVITL ने SECI द्वारा चयनित 490 मेगावाट पम्प्ड स्टोरेज परियोजना (PSP) का प्रस्ताव यह कहकर स्वीकार कर लिया कि यह हाइड्रो परचेज ऑब्लिगेशन (HPO) पूरा करने में सहायक होगी। लेकिन इसके विपरीत, L&T का एक अन्य प्रस्ताव यह कहकर खारिज कर दिया गया कि राजस्थान डिस्कॉम्स के पास पहले से ही पर्याप्त हाइड्रो क्षमता मौजूद है। यह दोहरा मापदंड दर्शाता है कि प्रस्तावों का मूल्यांकन वस्तुनिष्ठता के बजाय “पसंद और नापसंद” के आधार पर किया जा रहा है.

SECI की 630 मेगावाट FDRE की यह निविदा मूलतः दिल्ली के डिस्कॉम्स की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर लाई गई थी जिसमें 625 मेगावाट BSES राजधानी(BRPL) और BSES यमुना (BYPL), तथा 5 मेगावाट गुजरात के GIFT पावर कंपनी लिमिटेड (GIFT PCL) के लिए निर्धारित था। यह निविदा विशेष रूप से दिल्ली क्षेत्र की मांग के अनुरूप डिज़ाइन की गई थी.
जब दिल्ली डिस्कॉम्स ने यह बिजली खरीदने से इनकार कर दिया, तो SECI ने इसे अन्य राज्यों को ऑफर किया। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यह बिजली वाकई सस्ती थी, तो दिल्ली डिस्कॉम्स ने इसे क्यों नहीं खरीदा?

बैटरी स्टोरेज लागत में गिरावट

SECI की FDRE निविदा की अंतिम तिथि 3 जुलाई 2024 थी। इसके बाद एक वर्ष से अधिक बीत चुका है और इस दौरान बैटरी स्टोरेज की लागत में उल्लेखनीय गिरावट आई है, जिसका प्रमाण देशभर की विभिन्न BESS निविदाओं से मिलता है.

बैटरी की लागत में गिरावट और निविदाकारों के बढ़ते आत्मविश्वास के चलते, भविष्य में FDRE की अगली निविदाओं में और अधिक भागीदारी और प्रतिस्पर्धी दरों की संभावना है। यह उम्मीद की जा सकती है कि भविष्य की निविदाओं में खोजी गई दर ₹4.98/यूनिट से भी कम हो सकती है.

RUVITL द्वारा Battery Energy Storage System (BESS) की भी खरीद की जा रही है, जिसका सीधा अर्थ है कि राजस्थान डिस्कॉम्स के पास ऐसे समय स्लॉट होने चाहिए जब ये बैटरियाँ चार्ज हो सकें। अन्यथा, बैटरी घटक के चलते जो अतिरिक्त लागत बढ़ेगी, वह व्यावसायिक दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहरेगी.

सरकार की स्वीकृति नहीं ली गई

RUVITL ने FDRE बिजली खरीदने से पहले राजस्थान सरकार से कोई पूर्व स्वीकृति प्राप्त नहीं की.

CEA द्वारा FY 2031-32 तक राजस्थान के लिए तैयार की गई Resource Adequacy Plan में सभी तकनीकी व प्रशासनिक प्रतिबंधों (जैसे कि स्टार्टअप टाइम, रैम्प अप/डाउन लिमिट, इंटरकनेक्शन, RPO लक्ष्यों आदि) को ध्यान में रखते हुए स्रोतवार आवश्यकताओं का उल्लेख किया गया है(ग्राफ़िक्स में)

राजस्थान सरकार ने दिनांक 4.9.2023 को F(15)/Energy/2021 के अंतर्गत RUVITL के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी ताकि राज्य का Resource Adequacy Plan तैयार किया जा सके। इस समिति ने 14.03.2024 को आयोजित बैठक में CEA की RAP को अपनाने की सिफारिश की.

इसके पश्चात, 16.05.2025 को हुई Energy Assessment Committee (EAC) की बैठक में CEA द्वारा तैयार की गई RAP को राजस्थान के लिए अपनाया गया.

इस योजना में स्रोतवार विद्युत आवश्यकता में FDRE को किसी भी श्रेणी के तहत शामिल नहीं किया गया, इसके बावजूद RUVITL ने 26 मई 2025 को आयोजित 67वीं बोर्ड बैठक में SECI द्वारा प्रस्तुत 630 मेगावाट FDRE बिजली की 25 वर्षों के लिए ₹4.98-4.99 प्रति यूनिट (SECI को ₹0.07/यूनिट का ट्रेडिंग मार्जिन छोड़कर) दर पर खरीद को स्वीकृति दे दी वह भी बिना राजस्थान की आवश्यकताओं व आर्थिकता का उचित विश्लेषण किए.

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