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Sunday, August 31, 2025

न्यायालय ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत कराने वाले व्यक्ति को राहत दी

Newsन्यायालय ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत कराने वाले व्यक्ति को राहत दी

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने कथित तौर पर सांप्रदायिक टिप्पणी संबंधी एक वीडियो साझा करने वाली सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को सोमवार को 14 जुलाई तक दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत प्रदान की।

न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने वजाहत खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। खान के खिलाफ पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में प्राथमिकी दर्ज हैं।

पीठ ने कहा कि खान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है और वह हिरासत में है।

खान के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले पुराने पोस्ट को लेकर कई राज्यों में प्राथमिकी और शिकायतें दर्ज की गई हैं।

पीठ द्वारा याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताए जाने के बाद खान के वकील ने शीर्ष अदालत से अनुरोध किया कि अगली तारीख तक उनके मुवक्किल के खिलाफ कोई और दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश दिया जाए।

पीठ ने कहा, ‘‘अनुरेध पर विचार करने के बाद हम इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।’’

शीर्ष अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि 14 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख तक, याचिका में संदर्भित प्राथमिकी या शिकायतों या इसी तरह के आरोपों के संबंध में उसके (खान के) खिलाफ संभावित प्राथमिकी या शिकायतों के आधार पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

खान को कोलकाता पुलिस ने नौ जून को गिरफ्तार किया था।

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खान ने उच्चतम न्यायालय का रुख करके आरोप लगाया था कि उसके द्वारा किए गए कुछ पुराने पोस्ट को लेकर असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों में प्राथमिकी और शिकायतें दर्ज की गई हैं।

उसने दलील दी कि ये प्राथमिकी उनके द्वारा पनोली के खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत के प्रतिशोध में दर्ज की गई हैं। खान की शिकायत पर पनोली को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

खान ने याचिका में उच्चतम न्यायालय के पूर्व के कई निर्णयों और आदेशों का हवाला दिया, जिनमें एक राज्य में विभिन्न स्थानों पर दर्ज प्राथमिकी या विभिन्न राज्यों में दर्ज एक से अधिक प्राथमिकी को एकीकृत करने के आदेश पारित किए गए थे।

पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताते हुए केंद्र और पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, दिल्ली और हरियाणा राज्यों को नोटिस जारी किये।

मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश

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