नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) तिहाड़ जेल अधिकारियों ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की नाजुक स्थिति से संबंधित खबरों को खारिज करते हुए कहा कि उसे नियमित रूप से उपचार उपलब्ध कराया जा रहा और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
यह बयान जम्मू कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों और शब्बीर शाह की बेटी की ओर से उसे उपयुक्त चिकित्सा मुहैया कराये जाने की अपील की पृष्ठभूमि में आया है। उन्होंने अलगाववादी नेता के एक जानलेवा बीमारी से पीड़ित होने का दावा किया है।
बयान में कहा गया है, ‘‘कैदी शब्बीर अहमद शाह की नाजुक स्वास्थ्य स्थिति के बारे में सोशल मीडिया में कथित तौर पर कुछ अफवाहें फैलाई जा रही हैं…कैदी को नियमित रूप से सभी चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जा रही है और उसकी हालत स्थिर है।’’
बयान में कहा गया है कि शब्बीर को 26 जून को मूत्र मार्ग के निचले हिस्से में समस्या के संबंध में ओपीडी(बाह्य रोगी विभाग) परामर्श के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे आगे की जांच के लिए भर्ती किया गया।
बयान में कहा गया है, ‘‘उसकी सभी जांच रिपोर्ट सामान्य है और सफदरजंग अस्पताल में उसकी उपयुक्त चिकित्सा की जा रही है।’’
शाह को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 4 जून 2019 को आतंकवाद के वित्तपोषण और कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
वह फिलहाल तिहाड़ जेल नंबर एक में बंद है। इस सप्ताह की शुरुआत में जम्मू कश्मीर के प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने शब्बीर के स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी।
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से शब्बीर के मामले में ‘‘मानवीय दृष्टिकोण’’ अपनाने की अपील की और उनकी कथित जानलेवा बीमारी के लिए उपयुक्त चिकित्सा देखभाल का आग्रह किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) नेता और लोकसभा सदस्य आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा, जिसमें बीमार अलगाववादी नेता को उपचार मुहैया करने में ‘‘गरिमा और निष्पक्षता’’ का अनुरोध किया गया।
श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मेहदी ने दावा किया कि शब्बीर का उपचार कर रहे चिकित्सकों ने गंभीर चिकित्सा स्थितियों के लिए तीन सर्जरी की सिफारिश की थी, जिसमें ‘‘जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाला प्रोस्टेट कैंसर’’ भी शामिल है।
शब्बीर की बेटी सहर शब्बीर द्वारा ‘एक्स’ पर पोस्ट किये गए एक भावनात्मक अनुरोध के बाद इन अपीलों ने गति पकड़ी। सहर में ने अपने पिता के लिए ‘‘न्याय और करुणा’’ की मांग की है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘‘यह राजनीतिक नहीं है। यह राष्ट्र-विरोधी नहीं है। यह किसी देश, संस्था या सरकार के खिलाफ नहीं है। यह केवल मेरे पिता के जीवन के बारे में है। उनके स्वास्थ्य के बारे में है। उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने के अधिकार के बारे में है। क्या आपकी अंतरात्मा जीवित है?’’
सहर ने यह भी कहा कि उनके पिता ने बिना किसी दोषसिद्धि के 38 साल जेल में बिताए हैं।
भाषा सुभाष पवनेश
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