प्रयागराज, 29 मई (भाषा) संगम नगरी में स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल की दयनीय स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पारित एक आदेश में प्रदेश के प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य) को शुक्रवार को अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि दयनीय चिकित्सा सुविधाओं के अलावा छात्र और छात्राओं के छात्रावास भी खराब स्थिति में हैं। साथ ही इस अस्पताल में ना तो गरीबों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और ना ही उचित उपकरण हैं।
इससे पूर्व, 23 मई को अपने आदेश में अदालत ने कहा था, “एसआरएन को मौजूदा समय में अस्पताल से कहीं अधिक मुर्दाघर कहा जा सकता है। प्रयागराज, मेडिकल माफियाओं के चंगुल में है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एसआरएन अस्पताल दयनीय हालत में है। गरीब और असहाय मरीजों को दलालों द्वारा निजी अस्पतालों में घसीटा जा रहा है और उनका इस मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में इलाज नहीं किया जा रहा है।”
सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि एसआरएन अस्पताल में 50 प्रतिशत से अधिक डाक्टर संविदा पर काम कर रहे हैं।
भाषा राजेंद्र
नरेश
नरेश