आइजोल, दो जुलाई (भाषा) मिज़ोरम में मादक पदार्थों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए राज्य के आबकारी तथा स्वापक मामलों के मंत्री लालनघिंगलोवा हमार ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) से सहयोग मांगा है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि हमार फिलहाल दिल्ली में हैं और उन्होंने मंगलवार को स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के महानिदेशक अनुराग गर्ग से मुलाक़ात की और मिजोरम में बढ़ती मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सहयोगात्मक प्रयास बढ़ाने का आग्रह किया।
इस दौरान, हमार ने गर्ग को बताया कि म्यांमा के रास्ते मिज़ोरम में मादक पदार्थों की तस्करी में तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है।
मंत्री ने राज्य के आबकारी और स्वापक नियंत्रण विभाग की मज़बूती के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया।
इसके जवाब में गर्ग ने कहा कि, मिज़ोरम के साथ अन्य उत्तर-पश्चिमी राज्यों में मादक पदार्थों के नियंत्रण और रोकथाम हेतु कार्यरत कर्मचारियों के लिए विशेष क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
एनसीबी महानिदेशक ने मंत्री हमार को बताया कि, आइज़ोल में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने के लिए पहले से प्रयास जारी हैं।
अधिकारी ने बताया, हमार और गर्ग ने म्यांमा के रास्ते हो रही मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए निकटतम समन्वय और संयुक्त अभियानों के महत्व पर चर्चा की।
मिजोरम की म्यांमा के साथ 510 किलोमीटर लंबी खुली (बिना बाड़ वाली) सीमा लगती है।
अधिकारियों ने बताया कि, आबकारी विभाग ने 2024 में 46.5 किलोग्राम हेरोइन, 138.8 किलोग्राम मेथमफेटामाइन टैबलेट और 586.6 किलोग्राम गांजा सहित विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थ जब्त किए और 7,309 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
उन्होंने बताया कि, राज्य पुलिस ने 2024 में 211 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए तथा इससे संबंधित अपराधों में 468 लोगों को गिरफ्तार किया।
भाषा मनीषा
मनीषा