24.8 C
Jaipur
Monday, September 1, 2025

महाराष्ट्र में चुनावों के मद्देनजर उद्धव और राज ठाकरे साथ आए हैं: आठवले

Newsमहाराष्ट्र में चुनावों के मद्देनजर उद्धव और राज ठाकरे साथ आए हैं: आठवले

प्रयागराज, नौ जुलाई (भाषा) केंद्रीय न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास आठवले ने मुंबई में गैर मराठी लोगों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में नगर महापालिका चुनावों को ध्यान में रखकर दोनों भाई (उद्धव और राज ठाकरे) एक साथ आए हैं।

उन्होंने यहां सर्किट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “दोनों भाई इन चुनावों के लिए मराठी वोटों को अपनी ओर खींचने का प्रयत्न कर रहे हैं। मराठी मतदाता महायुति गठबंधन के साथ हैं और जो मराठी वोट, ठाकरे परिवार के साथ था, वह एकनाथ शिंदे के 40 विधायकों के साथ महायुति गठबंधन में आ चुका है।”

आठवले ने कहा, “मुंबई को आर्थिक राजधानी बनाने में गैर मराठी लोगों का भी योगदान है। चाहे वह टाटा हो, बिड़ला हो, मफतलाल हो, महिंद्रा हो, अडाणी हो, अंबानी हो.. ये मराठी भाषी नहीं हैं। 100-150 सालों से देश के कोने कोने से लोग मुंबई में आए हैं।”

उन्होंने कहा, “मुंबई में मराठी भाषा नहीं बोलने पर गुंडागर्दी करना, किसी को थप्पड़ लगाना ठीक नहीं है। यहां लोकतंत्र है और देश संविधान से चल रहा है। थप्पड़ लगाने वाले लोग संविधान के विरोध में हैं। वे बोलते हैं कि मुंबई उनकी संपत्ति है। मैं कहता हूं कि मुंबई देश की संपत्ति है।”

यहां प्रयाग संगीत समिति में संविधान सम्मान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने आए मंत्री ने कहा, “कभी रिपब्लिकन पार्टी उत्तर प्रदेश में बहुत मजबूत पार्टी थी और चरण सिंह की सरकार में इस पार्टी से चार मंत्री थे। वे चुनाव चिह्न हाथी पर चुनकर आए थे। आज हाथी हमारे पास नहीं है और यह मायावती के पास है।”

See also  Merck Foundation Chairman, CEO, and 14 First Ladies Inaugurate the 7th Edition of Merck Foundation First Ladies Initiative - MFFLI Summit in Dubai

उन्होंने उत्तर प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा, “आज तक आपने बहन जी को देखा है। अभी भाई की तरफ देखिए। मैं बसपा के कार्यकर्ताओं से निवेदन करना चाहता हूं। जो कार्यकर्ता किसी दूसरी पार्टी में जा रहे हैं, उन्हें बाबा साहेब का सपना पूरा करने के लिए रिपब्लिकन पार्टी में शामिल होना चाहिए।”

इस सम्मेलन से पूर्व विभिन्न पार्टियों और सामाजिक संगठनों से 50 लोगों के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों आरपीआई की सदस्यता ली।

भाषा राजेंद्र जोहेब

जोहेब

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles