ईटानगर, 24 जुलाई (भाषा) अरुणाचल प्रदेश में प्रतिबंधित यूनाइटेड तानी आर्मी (यूटीए) से जुड़े दो युवकों ने बृहस्पतिवार को यहां अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
आत्मसमर्पण समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्य के गृह मंत्री मामा नातुंग ने राष्ट्र विरोधी और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सरकार के दृढ़ रुख को दोहराया, साथ ही हिंसा छोड़ने और समाज में पुनः शामिल होने के इच्छुक लोगों के लिए सरकार की खुले दरवाजे की नीति पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, हम उन लोगों का स्वागत करते रहेंगे जो उग्रवाद का त्याग कर शांति के मार्ग पर चलना चाहते हैं। उनके जीवन को सम्मानपूर्वक फिर से शुरू करने में उनकी मदद के लिए प्रावधान मौजूद हैं।’’
नातुंग ने राज्य में जारी राहत एवं पुनर्वास प्रयासों पर प्रकाश डाला। इसमें जनवरी से शुरू हुए खासकर निचली दिबांग घाटी के बिश्मकनगर में समर्पित शिविर शामिल हैं।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में इस सुविधा में 30 ऐसे लोग रह रहे हैं जिन्होंने उग्रवाद से वापसी का विकल्प चुना है, जिन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण, अभिविन्यास कार्यक्रम और अन्य प्रकार की मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि 36 महीने का कार्यक्रम पूरा करने के बाद प्रत्येक व्यक्ति चार लाख रुपये की वित्तीय सहायता के साथ पुनर्वास अवधि के दौरान छह हजार रुपये का मासिक वजीफा पाने का पात्र होगा।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आनंद मोहन ने भी इनके द्वारा किए गए आत्मसमर्पण की सराहना की और इसे क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति बहाल करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
भाषा यासिर नरेश
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