ठाणे, 26 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में एक श्रमिक संघ ने शनिवार को आरोप लगाया कि क्षेत्रीय मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल के सफाई कर्मचारियों को मैला ढोने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो 2013 के अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
श्रमिक जनता संघ के महासचिव जगदीश खैरालिया ने दावा किया कि पुणे में स्थित कंपनी ने इन 100 से अधिक श्रमिकों को मूल वेतन, सुरक्षा उपकरण और अनिवार्य स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित रखा है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, “ये सफाई कर्मचारी हाथों से मैला साफ कर रहे हैं। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अमानवीय भी है। वर्ष 2008 से वहां काम करने के बावजूद, उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया गया है। छह साल में केवल एक बार ही वर्दी वितरित की गई है और जैविक अपशिष्ट के निपटान के दौरान कर्मचारियों को कभी भी सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किए गए हैं।”
मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में रोजगार का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम 2013, जिसे एमएस अधिनियम भी कहा जाता है, के अनुसार छह दिसंबर, 2013 से देश में ‘मैनुअल स्कैवेंजिंग’ एक प्रतिबंधित गतिविधि है।
यह अधिनियम छह दिसंबर, 2013 से प्रभावी है।
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जोहेब देवेंद्र
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