पुणे (महाराष्ट्र), 29 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने मंगलवार को दावा किया कि पुणे में उनके दामाद की मादक पदार्थ के मामले में गिरफ्तारी एक साजिश है, जिसका मकसद उन्हें बदनाम करना है क्योंकि उन्होंने एक ‘‘हनीट्रैप’’ (मोहपाश में फंसाने के) कांड को लेकर आवाज उठाई थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के नेता खडसे ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस साजिश के पीछे कोई ‘‘मास्टरमाइंड’’ है और पुलिस ‘‘कठपुतली’’ की तरह काम कर रही है।
उन्होंने सवाल किया कि उनके दामाद प्रांजल खेवलकर को इस मादक पदार्थ मामले में मुख्य आरोपी क्यों बनाया गया, जबकि पुलिस की छापेमारी के वीडियो में कथित नशीला पदार्थ एक महिला के पर्स में पाया गया था।
अधिकारियों ने पहले बताया था कि रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे पुणे पुलिस की अपराध शाखा ने खराडी इलाके के एक स्टूडियो अपार्टमेंट में ‘‘ड्रग पार्टी’’ पर छापा मारा, जिसमें सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें खेवलकर भी शामिल हैं। वहां से संदिग्ध कोकीन, गांजा, हुक्का सेट और शराब की बोतलें बरामद की गईं।
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि खेवलकर और एक अन्य व्यक्ति की मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि की गयी है कि उन्होंने ‘‘ड्रग पार्टी’’ में शराब का सेवन किया था।
खेवलकर की पत्नी और राकांपा (एसपी) की राज्य इकाई की अध्यक्ष रोहिणी खडसे ने सोमवार को पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की।
एकनाथ खडसे ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई उन्हें बदनाम करने के लिए की गई, क्योंकि वह लगातार ‘‘हनीट्रैप’’ मामलों और उसमें प्रफुल लोधा की कथित संलिप्तता को लेकर आवाज उठा रहे थे।
लोधा पर दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और दो महिलाओं से बलात्कार का आरोप है और मुंबई पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।
पूर्व मंत्री ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वह पुणे पुलिस के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर भी विचार कर सकते हैं।
भाषा गोला सुभाष
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