पुणे, दो अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में पुणे जिले की दौंड तहसील के यवत गांव में एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुई झड़पों के दौरान आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने 500 से अधिक लोगों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए हैं और उनमें से 17 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट अपलोड करने वाले युवक को भी गिरफ्तार किया चुका है और उसके खिलाफ अलग से एक मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर नाराजगी के कारण शुक्रवार दोपहर यवत गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया और हिंसा की अलग-अलग घटनाएं सामने आईं। इस दौरान लोगों के समूहों ने तोड़फोड़ की और संपत्तियों को आग लगा दी।
यवत पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, ‘अब तक, हमने हिंसा के संबंध में कुल पांच मामले दर्ज किए हैं। इनमें से चार मामले आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपी 500 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। इन 500 से ज्यादा लोगों में से 100 से अधिक लोगों की पहचान हो चुकी है और 17 लोगों को हिरासत में लिया गया है।’
उन्होंने बताया कि इन मामलों के अलावा, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड करने वाले युवक के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों ने एक मोटरसाइकिल, दो कारों, एक धार्मिक स्थल और एक बेकरी को निशाना बनाया और आगजनी की। उन्होंने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया।
उन्होंने बताया कि यवत में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में है।
शुक्रवार को पुणे दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि एक युवक ने एक हिंदू पुजारी के बलात्कार के मामले में शामिल होने के बारे में एक आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड की थी, जिससे स्थानीय निवासी नाराज हो गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। यवत में स्थिति अब नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है। दोनों समुदायों के लोग एकजुट हैं और तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। कुछ लोग तनाव पैदा करने के लिए ही ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट डालते हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का अधिकार नहीं है।’
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि जिस युवक ने कथित तौर पर आपत्तिजनक व्हाट्सएप पोस्ट अपलोड किया था, वह नांदेड़ का रहने वाला है और एक दिहाड़ी मजदूर है।
उन्होंने बताया कि उसने मध्य प्रदेश में हुई एक घटना से संबंधित एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी, जिससे स्थानीय निवासी भड़क गए और उन्होंने तोड़फोड़ की।
भाषा जोहेब देवेंद्र
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