नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) संसद के कई सदस्यों ने सोमवार को कांग्रेस सांसद आर. सुधा की चेन छीने जाने की घटना की निंदा की और कहा कि यह राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है।
दिल्ली के चाणक्यपुरी में अज्ञात झपटमारों ने तमिलनाडु के मयिलाडुतुरै से कांग्रेस की सांसद आर. सुधा की सोने की चेन उस समय कथित तौर पर छीन ली जब वह सोमवार को सुबह की सैर पर निकली थीं।
सुधा ने संसद परिसर के अंदर ‘पीटीआई वीडियो को बताया, “मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और अध्यक्ष और गृह मंत्री को भी पत्र लिखा है।”
कई विपक्षी सांसदों ने इस घटना की निंदा की और राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाए।
शिवसेना (उबाठा) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। चाणक्यपुरी जैसे अति-सुरक्षित इलाके में दिनदहाड़े एक सांसद की चेन छीन ली जाती है। आम जनता के साथ क्या हो रहा होगा?”
उन्होंने कहा कि चाणक्यपुरी को कड़ी सुरक्षा और निगरानी वाला इलाका बताया जाता है, फिर भी एक महिला सांसद पर ‘‘हमला’’ हुआ।
प्रियंका ने सवाल किया, ‘‘केंद्र की जवाबदेही कहां है? डबल इंजन सरकार के वादे का क्या हुआ?”
कांग्रेस सांसद जेबी मैथर ने भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा के मामले में हम कहां खड़े हैं? एक महिला सांसद पर हमला होता है, उसकी चेन छीन ली जाती है। ये सब दूतावासों वाले सबसे सुरक्षित इलाके में होता है।’’
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि गृह मंत्री की नाक के नीचे महिला सांसद भी सुरक्षित नहीं हैं। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का क्या हुआ? यह सिर्फ़ एक नारा है।’’
राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने इस घटना को केंद्र सरकार के शासन में दिल्ली की ‘बिगड़ती’ कानून-व्यवस्था का प्रमाण करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि मोदी सरकार में कोई कानून-व्यवस्था नहीं बची है। यह चाणक्यपुरी में हुआ, जिसे सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है।’’
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन का कहना था कि इस घटना ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासन की कमज़ोरी को उजागर कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री एस पी सिंह बघेल ने केंद्र का बचाव करते हुए कहा, ‘‘सुरक्षा की स्थिति अब पहले से काफी बेहतर है।’’
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