गुवाहाटी, छह अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार 2026 तक राज्य में बाल विवाह उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘निजुत मोइना’ योजना के दूसरे चरण से इस समस्या का उन्मूलन संभव हो सकेगा।
शर्मा ने गुवाहाटी में छात्राओं को फॉर्म वितरित कर ‘निजुत मोइना’ योजना का दूसरा चरण शुरू किया। उन्होंने कहा, “हमने निजुत मोइना 2.0 की शुरुआत के साथ बाल विवाह के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज किया है। यह योजना असम में चार लाख से अधिक लड़कियों को कवर करेगी, उन्हें बाल विवाह से बचाएगी और उनके शैक्षिक सपनों को पंख देगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकार के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण अध्याय है और इससे चार लाख से अधिक लड़कियों को बाल विवाह से बचने तथा शैक्षणिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “जो माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ाना-लिखाना चाहते हैं, लेकिन वित्तीय बाधाओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए ‘निजुत मोइना’ योजना आशा और प्रेरणा का स्रोत है।”
‘निजुत मोइना’ योजना के दूसरे चरण में उच्चतर माध्यमिक स्तर की प्रथम और द्वितीय वर्ष, स्नातक स्तर की प्रथम और द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर स्तर की प्रथम और द्वितीय वर्ष की छात्राओं को शामिल किया जाएगा।
सभी परिवारों की लड़कियां, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कुछ भी हो, इस योजना के लिए पात्र हैं।
कक्षा 11 की छात्राओं को 1,000 रुपये प्रति माह, स्नातक प्रथम वर्ष की छात्राओं को 1,250 रुपये प्रति माह और स्नातकोत्तर एवं बीएड की छात्राओं को 2,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक मदद मिलेगी।
भाषा पारुल अविनाश
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