छत्रपति संभाजीनगर, 11 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की समावेशी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ को याद किया, जिन्होंने ओबीसी और समाज के अन्य वर्गों को एकजुट किया था।
लातूर में मुंडे की 14 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने और पांच मेगावाट की सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजना का डिजिटल तरीके से उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा, ‘मुंडे ने मुझे सिखाया कि विपक्ष में रहते हुए कभी सत्ता से समझौता नहीं करना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘राजनेताओं को मुंडे से सीख लेनी चाहिए, जिन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को एकजुट किया और यह सुनिश्चित किया कि कोई भी वर्ग दरकिनार न हो। वह सभी समुदायों के नेता थे और अपने रुख से कभी नहीं डिगे। उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का फिर से नामकरण का भी समर्थन किया।’
उन्होंने कहा कि जब एक समुदाय समृद्ध हो रहा हो, तो किसी अन्य समुदाय से नफरत करने की कोई जरूरत नहीं है।
फडणवीस ने कहा कि जनता मुंडे से प्यार करती है, क्योंकि वह सभी समुदायों की समृद्धि के लिए प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा, ‘राजनेताओं को किसी अन्य समुदाय के प्रति द्वेष रखे बिना मुंडे के समावेशिता के दृष्टिकोण का अनुसरण करना चाहिए।’
फडणवीस ने कहा कि मुंडे ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और अवाम के मुद्दों को उठाकर उन्होंने अपने आपको जनता का प्रिय बनाया।
फडणवीस ने कहा, ‘उन्होंने मुझे सिद्धांतों से समझौता न करने की शिक्षा दी और मैं आज भी उनकी सलाह का पालन कर रहा हूं।’
उन्होंने कहा कि यदि मुंडे जीवित होते, तो वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में चमकते सितारों में से एक होते।
लोकसभा में भाजपा के पूर्व उपनेता मुंडे को 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सत्ता संभालने के बाद ग्रामीण विकास मंत्री नियुक्त किया गया था।
तीन जून 2014 को सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
फडणवीस ने कहा कि सरकार समुद्र में जाने वाले 54 टीएमसी पानी को सूखाग्रस्त मराठवाड़ा क्षेत्र की ओर मोड़ेगी।
मुंडे मराठवाड़ा के बीड के रहने वाले थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बीड में रेलवे लाने का उनका (मुंडे) सपना जल्द ही पूरा होगा। लातूर में कोच फैक्टरी में अगले साल उत्पादन शुरू होने पर 10,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।’
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप