नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में मजलिस पार्क से शिव विहार मेट्रो स्टेशन तक पिंक लाइन चालक रहित होगी और इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े चालक रहित मेट्रो नेटवर्क में से एक बन जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की जनकपुरी पश्चिम और बॉटनिकल गार्डन को जोड़ने वाली मैजेंटा लाइन ने ‘अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस’ (यूटीओ) का पूर्ण अनुपालन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
‘अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस’ एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें ट्रेन बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित रूप से चलती हैं। इसका मतलब है कि ट्रेन का चलना, रुकना, दरवाजों का खुलना व बंद होना और आपातकालीन स्थितियों का प्रबंधन, सभी स्वचालित रूप से होता है।
उन्होंने बताया, “मैजेंटा लाइन पर ट्रेनों का पूरा बेड़ा अब यूटीओ पर चलता है।”
दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2020 में ‘अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशंस’ की शुरुआत की थी। इसमें परिवर्तन चरणबद्ध तरीके से किया गया है, जिसे मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) द्वारा मंजूरी दी गयी है।
दिल्ली मेट्रो ने अब पिंक लाइन मजलिस पार्क से शिव विहार (लाइन-सात) पर भी यूटीओ लागू करना शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि पिंक लाइन पर स्वचालन प्रक्रिया मार्च 2025 में शुरू हुई और जून 2025 तक दूसरे चरण में पहुंच गयी।
अधिकारी ने बताया कि अगले तीन से चार महीनों में इसके पूरी तरह से चालक रहित हो जाने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया, “मैजेंटा और पिंक दोनों लाइनों पर यूटीओ लागू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो दुनिया के सबसे बड़े चालक रहित मेट्रो नेटवर्क में से एक बन जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में कुल 395 किलोमीटर नेटवर्क में से 97 किलोमीटर पूरी तरह से स्वचालित कॉरिडोर होंगे।”
अधिकारी ने बताया कि स्वचालन प्रक्रिया न केवल परिचालन दक्षता को बढ़ाती है, बल्कि यात्रियों के लिए एक निर्बाध और विश्वसनीय यात्रा अनुभव का वादा भी करती है।
भाषा जितेंद्र संतोष
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