कोलकाता, 13 अगस्त (भाषा) कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल सचिवालय तक निकाले गए मार्च ‘नबान्न अभियान’ के दौरान एक आईपीएस अधिकारी के सुरक्षाकर्मी पर हमला करने का आरोप है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल निवासी चंदन गुप्ता को आज सुबह मध्य कोलकाता के बऊ बाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया, ‘‘उस व्यक्ति पर डीसी एसएसडी बिदिशा कालिता दासगुप्ता के गार्ड कांस्टेबल प्रशांत पोद्दार की हत्या के प्रयास के लिए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।’’
गत 9 अगस्त को कोलकाता और उससे सटे हावड़ा की सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे। पिछले साल इसी दिन सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक चिकित्सक से बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या की गई थी।
पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, उन पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में भाजपा विधायक अशोक डिंडा, अग्निमित्रा पॉल और अन्य नेताओं सहित कई व्यक्तियों के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मृत मिली चिकित्सक के पिता ने पुलिस पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी पत्नी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए एक प्राथमिकी दर्ज कराई।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने कहा कि नबान्न अभियान मार्च के दौरान चिकित्सक की मां पर चार से पांच पुलिसकर्मियों द्वारा हमला किए जाने की शिकायत पर जांच जारी है।
वर्मा ने एक बांग्ला समाचार चैनल से कहा कि जांचकर्ताओं को अभी तक पुलिस हमले के दावे की पुष्टि करने वाला कोई फुटेज नहीं मिला है, लेकिन वे ‘‘अब भी घटना के सही समय और चोट कैसे लगी, यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि मामला अभी जांच के स्तर पर है।
भाषा वैभव मनीषा
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