नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को बताया कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (आईजीआरयूए) ने पिछले आठ वर्षों में दुर्घटनाओं के कारण अपने चार प्रशिक्षक विमान गंवाए हैं।
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में, उत्तर प्रदेश स्थित आईजीआरयूए के पास 13 प्रशिक्षक विमान हैं।
उन्होंने बताया ‘‘वर्ष 2017 में विमानों की संख्या 24 थी जो अब घटकर वर्तमान में 13 हो गई है। यह कमी सात विमानों के निर्धारित सेवा काल पूरा होने और दुर्घटनाओं के कारण चार विमानों के नष्ट होने की वजह से हुई है।’’
मोहोल ने कहा कि नए प्रशिक्षक विमानों की खरीद के लिए आईजीआरयूए को वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 25 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
मंत्री ने कहा, ‘‘देश में पायलटों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, आईजीआरयूए ने हफ़्ते के सातों दिन उड़ान भरना शुरू कर दिया है। अपने मुख्य बेस के अलावा, आईजीआरयूए ने बिरसी हवाई अड्डे, गोंदिया (महाराष्ट्र) पर साल भर अलग से उड़ान भरने के लिए एक अतिरिक्त बेस भी शुरू किया है और अन्य जगहों पर भी उड़ान भरने की योजना है।’’
एक अलग प्रश्न के लिखित उत्तर में, मोहोल ने कहा कि देश में बड़े पैमाने पर सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) के उत्पादन और उपयोग को, उच्च पूंजीगत और परिचालन व्यय, और महंगा फीडस्टॉक जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अन्य चुनौतियों में टुकड़ों में आपूर्ति श्रृंखलाएँ, एसएएफ की खरीद के लिए एयरलाइन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों के बीच दीर्घकालिक ऑफ-टेक समझौतों का अभाव, और एसएएफ उत्पादन के लिए कर लाभ और सब्सिडी जैसे नीतिगत समर्थन का अभाव शामिल है।
भारत ‘अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन’ आईसीएओ के सतत विमानन ईंधन सहायता, क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण (एसीटी-एसएएफ) कार्यक्रम में शामिल हो गया है, जिसका उद्देश्य आईसीएओ सदस्य देशों में अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन से होने वाले सीओ2 उत्सर्जन में कमी लाना है।
मोहोल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने अंतरराष्ट्रीय विमानन से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक बाजार-आधारित उपाय ‘अंतरराष्ट्रीय विमानन के लिए कार्बन ऑफसेटिंग न्यूनीकरण योजना’ (सीओआरएसआईए) को अपनाया है।
मंत्री ने कहा कि आईसीएओ का एक सदस्य देश होने के नाते, भारत 2027 से सीओआरएसआईए के अनिवार्य चरण का पालन करने के लिए बाध्य है।
भाषा मनीषा माधव
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