IRCTC घोटाले में 7 जुलाई 2017 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। इसमें लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच, जब लालू यादव रेलमंत्री थे, IRCTC के दो होटलों—BNR रांची और BNR पुरी—के रखरखाव के ठेके अवैध तरीके से दिए गए थे।
लालू यादव और उनके परिवार को IRCTC घोटाले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में आरोप तय करने का आदेश सुनाया। अदालत ने लालू यादव से पूछा कि क्या वे अपना अपराध मानते हैं, लेकिन लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपराध स्वीकार करने से इनकार किया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह लालू परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इसका असर चुनाव में देखा जा सकता है। इस घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और प्रेम गुप्ता समेत कुल 14 आरोपी हैं। लालू यादव आज व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे और कोर्ट परिसर खचाखच भरा हुआ नजर आया।

राउज एवेन्यू कोर्ट से LIVE Updates…
- अदालत ने लालू यादव से पूछा- क्या आप अपना अपराध मानते हैं? इस पर लालू यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी ने अपना अपराध मनाने से इनकार किया. कहा- मुकदमे का सामना करेंगे
- जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए है, उनमें IPC 420, IPC 120B शामिल हैं.
प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) सिर्फ लालू यादव पर लगे है. - राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर 120 बी और 420 आईपीसी के तहत ट्रायल चलेगा
- आईआरसीटीसी मामले में कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव पर आरोप तय किये
- कोर्ट ने माना कि लालू की जानकारी में इस घोटाले की साज़िश रची गयी
- कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोपी व्यापक साजिश में शामिल. लालू यादव के परिवार को फायदा मिला
- कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह सामने आता है कि लालू को बीएनआर होटलों के हस्तांतरण की प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी. मानदंडों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए थे.
- कोर्ट ने कहा कि राबड़ी और तेजस्वी को बेहद कम कीमत पर जमीन मिली कॉन्ट्रेक्ट देने के एवज में
- बिक्री के लिए उपलब्ध सभी प्लॉट का मूल्यांकन कम किया गया था और जब कंपनी को हिस्सेदारी सौंपी गई, तो ये सभी लालू, राबड़ी और तेजस्वी के हाथों में आ गए.
- जज आदेश में सीबीआई के लगाए आरोप पढ़ रहे है. कोर्ट आरोपी के दलील से सहमत नहीं है.
- राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा- सीबीआई ने सबूतों की चेन पेश की है, कोर्ट आरोप तय करने जा रहा है.
अगर अदालत ने आज आरोप तय किए, तो लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। आरोप तय होने के बाद लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल शुरू हो जाएगा, जिसका असर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भी देखा जा सकता है। राउज एवेन्यू कोर्ट में आज लैंड फॉर जॉब केस की भी सुनवाई होनी है। हालांकि इस मामले में आरोप तय किए जाएंगे, लेकिन लालू यादव या तेजस्वी यादव को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना जरूरी नहीं है।
लालू, तेजस्वी समेत 14 आरोपी
IRCTC मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य लोग आरोपी हैं। मामला IRCTC के दो होटलों के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि 13 अक्टूबर 2025 को सुबह 10 बजे फैसला सुनाया जाएगा और आरोपियों को अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
IRCTC घोटाले में अब तक क्या-क्या हुआ?
- IRCTC घोटाले में 7 जुलाई 2017 को सीबीआई ने केस दर्ज किया था.
- लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े पटना, नई दिल्ली, रांची और गुरुग्राम स्थित 12 ठिकानों पर छापेमारी की थी.
- आरोप था कि 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेलमंत्री थे IRCTC के दो होटलों BNR रांची और BNR पुरी के रखरखाव के ठेके अवैध तरीके से दिए गए.
- य भी आरोप है कि दो होटलों के रखरखाव के ठेके विजय और विनय कोचर के स्वामित्व वाली निजी फर्म सुजाता होटल्स को दिए गए थे.
- ये ठेके लालू से जुड़ी एक बेनामी कंपनी के जरिए हासिल की गई तीन एकड़ कीमती जमीन के बदले में दिए गए थे, ये भी आरोप है.
- CBI ने इस मामले में IPC की धारा 120, 420 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 13(2) R/W 13(1)(D) के तहत चार्जशीट दाखिल किया था.
- लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम गुप्ता समेत IRCTC घोटाले में 14 आरोपी हैं.
- सीबीआई ने इस मामले में 1 मार्च 2025 को अपनी बहस पूरी कर कर ली थी.
- राउज एवेन्यू कोर्ट ने 29 मई 2025 को आरोप तय करने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया था.
- अगर अदालत ने आज आरोपी तय किए तो लालू यादव और उनके परिवार की मुश्किलें बढ़ेगी.
- अगर आरोप तय हुए तो लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमे का ट्रायल शुरू हो जाएगा.
CBI की चार्जशीट में क्या-क्या आरोप?
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के आरोपपत्र के अनुसार, 2004 से 2014 के बीच एक साजिश के तहत पुरी और रांची में स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों को पहले IRCTC को हस्तांतरित किया गया और बाद में संचालन और रखरखाव के लिए पटना स्थित सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को पट्टे पर दे दिया गया। CBI ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी की गई और सुजाता होटल्स को फायदा पहुंचाने के लिए शर्तों में बदलाव किया गया। आरोपपत्र में IRCTC के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक वी. के. अस्थाना और आर. के. गोयल, सुजाता होटल्स के निदेशक, तथा चाणक्य होटल के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर का भी नाम शामिल है। इसके अलावा डिलाइट मार्केटिंग कंपनी और सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी कंपनियों के रूप में नामजद किया गया है। डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को अब लारा प्रोजेक्ट्स के नाम से जाना जाता है।
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