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Tuesday, January 13, 2026

Rajasthan Pension Alert: समय पर वेरिफिकेशन न कराया तो कट सकती है पेंशन! पूरी डिटेल यहां

NewsRajasthan Pension Alert: समय पर वेरिफिकेशन न कराया तो कट सकती है पेंशन! पूरी डिटेल यहां

राजस्थान सरकार ने साफ किया है कि वह सामाजिक सुरक्षा पेंशन (Social Security Pension) को अपने स्तर पर बंद नहीं करेगी। हाल ही में ऐसी चर्चा चल रही थी कि बिजली का अधिक बिल आने पर पेंशन रोक दी जा सकती है, लेकिन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने इस अफवाह पर विराम लगा दिया है और पेंशनभोगियों को राहत दी है।

स्वेच्छा से पेंशन छोड़ने की अपील

मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि सरकार किसी की पेंशन बंद नहीं कर रही है। इसके बजाय एक गिव अप अभियान (Give Up Campaign) शुरू किया गया है, जिसके तहत आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से स्वेच्छा से अपनी पेंशन छोड़ने की अपील की जा रही है। इसका मकसद यह है कि जो लोग वास्तव में जरूरतमंद और पात्र हैं, उन्हें इसका पूरा लाभ मिल सके।

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राजस्थान में 92 लाख लाभार्थी हैं

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार का मकसद किसी को भी सामाजिक सुरक्षा से वंचित करना नहीं है। वर्तमान में राजस्थान में लगभग 92 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थी हैं, जिनमें से 3 लाख लोगों को संबंधित नोटिस भेजे गए हैं।

‘गिव अप’ अभियान का मकसद उन लोगों को प्रोत्साहित करना है जिनकी आर्थिक स्थिति अब मजबूत हो गई है, ताकि वे सामाजिक सुरक्षा पेंशन छोड़ दें। विभाग के अनुसार, अगर किसी परिवार या व्यक्ति की सालाना आय 48,000 रुपये से अधिक है, तो उन्हें स्वेच्छा से पेंशन त्याग देनी चाहिए। मंत्री ने जनता से अपील की कि इस स्वैच्छिक सहयोग से और अधिक पात्र व जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके।

बिजली बिल पर रोक की अटकलें खत्म

कुछ दिनों से यह अफवाह उड़ी थी कि जिन पेंशनर्स का सालाना बिजली का बिल ₹24,000 या उससे अधिक है, उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक दी जाएगी। राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी पेंशन को अपने स्तर पर बंद नहीं किया जाएगा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के संयुक्त सचिव आशीष मोदी ने सभी जिला कलेक्टरों को पत्र भेजकर कहा कि विभाग स्वैच्छिक पहल को बेहतर विकल्प मानता है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि जिन पेंशनर्स के वार्षिक बिजली बिल ज्यादा हैं, उन्हें स्वेच्छा से पेंशन ‘गिव अप’ करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

जांच और सुनवाई के बाद ही होगी कार्रवाई

विभाग ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी लाभार्थी की पेंशन को स्वैच्छिक प्रक्रिया शुरू होने से पहले नहीं रोका जाएगा। संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी ने कहा कि पेंशन मंजूरी अधिकारी के स्तर पर पूरी जांच और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद ही कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब है कि केवल बिजली का बिल ज्यादा होने के आधार पर पेंशन अचानक नहीं रोकी जाएगी। यह फैसला लाखों पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत है, खासकर उनके लिए जो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद पेंशन ले रहे थे और पेंशन कटने के डर में थे।

सत्यापन अभियान 15 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश

विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को इन आदेशों का तुरंत और कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। राज्यभर में लाभार्थियों के सत्यापन कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया है। जिन पेंशनर्स का वार्षिक सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उनका काम 15 नवंबर तक पूरा करना अनिवार्य है। जिला कलेक्टरों को उन कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कहा गया है जिन्होंने समय पर सत्यापन का जरूरी काम पूरा नहीं किया। संयुक्त सचिव आशीष मोदी ने निर्देश दिए कि वे इस कार्य की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा स्वयं करेंगे।

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