राजस्थान में जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (GST Intelligence) ने बड़ी कार्रवाई की है। जोधपुर में एक ट्रांसपोर्टर और उसके चार पार्टनरों के यहां छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में आरोप है कि ट्रांसपोर्टर ने फर्जी बिलिंग और बिल्टी बनाकर जीएसटी का इनपुट क्रेडिट हासिल किया। जीएसटी टीम की यह रेड शुक्रवार सुबह से देर रात तक चली और इसमें कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अनुमान है कि यह घोटाला करोड़ों रुपये का हो सकता है।
फर्जी बिल्टी के जरिए GST का उठाया गलत फायदा
जीएसटी टीम ने जोधपुर के बासनी सेकंड फेज स्थित रितु रोड लाइंस के खिलाफ यह कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि फर्म ने जीएसटी का गलत फायदा उठाने के लिए फर्जी बिलिंग और बिल्टी बनाकर इनपुट क्रेडिट हासिल करने की पूरी योजना बनाई थी।
इसके अलावा जीएसटी टीम ने पाली रोड स्थित कृष्णा नगर में फर्म के मालिक विष्णु गोयल और उनके तीन भाइयों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। उनके बंगलों से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूरे दिन जीएसटी टीम ने विष्णु गोयल और उनके भाइयों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी।

करोड़ों का हो सकता है यह मामला
जीएसटी टीम ने शुक्रवार सुबह रितु रोड लाइंस के खिलाफ यह कार्रवाई शुरू की, जो देर रात तक जारी रही। जांच में मिले दस्तावेजों को देखकर टीम भी हैरान रह गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दस्तावेजों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह घोटाला करोड़ों रुपये का हो सकता है।
हालांकि अभी तक घोटाले का पूरा आंकड़ा सामने नहीं आया है। जीएसटी टीम लगातार दस्तावेजों की जांच कर इस मामले की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि फर्म ने जीएसटी के नाम पर फर्जी बिलिंग के जरिए कितने करोड़ रुपये का घोटाला किया। इस बीच, जीएसटी की कार्रवाई से जोधपुर शहर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा हुआ है।
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