बॉलीवुड स्टार सलमान खान ने राजस्थान की कोटा कंज्यूमर कोर्ट में अपने खिलाफ दायर भ्रामक विज्ञापन की याचिका पर जवाब दाखिल कर दिया है। बीजेपी नेता और परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी की याचिका में आरोप लगाया गया था कि सलमान ने जिस उत्पाद का विज्ञापन किया, वह पान मसाले को इलायची और केसर युक्त बताकर भ्रामक तरीके से प्रमोट करता है।
न पान मसाला बनाया, न उसका विज्ञापन किया
सलमान खान ने वकील आरसी दुबे के जरिए अपना जवाब पेश करते हुए कहा आयोग के पास इस शिकायत की सुनवाई का अधिकार क्षेत्र नहीं है। वह पान मसाले के न निर्माता हैं, न सेवा प्रदाता, इसलिए वाद में उन्हें शामिल करना गलत है। उनके खिलाफ केस दायर करना अनावश्यक उत्पीड़न है। उन्होंने किसी भी “केसर युक्त पान मसाले” का नहीं बल्कि सिर्फ सिल्वर कोटेड इलायची का विज्ञापन किया था।
‘हस्ताक्षर सलमान के नहीं लगते’
इधर, परिवादी इंद्र मोहन सिंह हनी और उनके वकील रिपुदमन सिंह ने सलमान की ओर से पेश किए गए जवाब पर आपत्ति दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि प्रस्तुत जवाब और वकालतनामा पर किए गए हस्ताक्षर सलमान खान के प्रतीत नहीं होते। इसलिए कोर्ट को सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश देने चाहिए। साथ ही सलमान के हस्ताक्षरों की जांच करवाने की भी मांग की गई है।
अगली सुनवाई 9 दिसंबर को
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर तय की है। इस दिन यह स्पष्ट होगा कि कोर्ट सलमान खान को व्यक्तिगत उपस्थिति के आदेश देता है या नहीं।
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