राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक के विधायक सचिन पायलट दो दिवसीय दौरे पर रविवार (30 नवंबर) को विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। सुबह टोंक सर्किट हाउस में उन्होंने जनसुनवाई कर लोगों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में पायलट ने एक बार फिर एसआईआर (Special Summary Revision) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया “जल्दबाजी में की जा रही है” और पहले भी चुनाव आयोग की कार्यशैली संदेह के दायरे में रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बीएलओ की हाल ही में हुई आत्महत्या दर्शाती है कि “कहीं न कहीं कोई गड़बड़ी हो रही है।”
खाद संकट पर सरकार को घेरा
राज्य में खाद की किल्लत पर पायलट ने हमला बोलते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है और “अन्नदाता को लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है, वह भी पुलिस पहरे में।” उन्होंने डबल इंजन सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा-“किसानों की सुनने वाला सरकार में कोई नहीं दिखता। दोनों जगह सरकार फेल है।”
शौर्य दिवस विवाद पर चुप्पी
राजस्थान सरकार द्वारा 6 दिसंबर (बाबरी विध्वंस की तारीख) पर शौर्य दिवस मनाने के आदेश और फिर उसे वापस लेने के सवाल पर पायलट ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस आदेश के बारे में जानकारी नहीं है।
मदनी के बयान पर भी नहीं की प्रतिक्रिया
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी द्वारा न्यायपालिका पर कथित दबाव के आरोप पर पायलट ने कहा— “किसने क्या बोला, मुझे जानकारी नहीं।’’ इस पर भी उन्होंने कोई टिप्पणी देने से मना कर दिया।
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