तत्कालीन रेलमंत्री श्री जगजीवनराम द्वारा 10 जनवरी, 1961 उदयपुर से डूंगरपुर होते हुए हिम्मत नगर (गुजरात) तक जाने वाली मीटर गेज रेलवे लाईन का निर्माण कार्य शुरू किया गया. इससे डूंगरपुर के खनिज-व्यवसाय को एक दिशा मिली. 28 जनवरी, 1968 को पोकरण-जैसलमेर मीटर गेज रेलवे लाईन का उद्घाटन कर पश्चिमी राजस्थान के लोगों को सुलभ परिवहन की सौगात दी गई. 1 अक्टूबर, 1964 को ‘राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम’ (RSRTC) या ‘राजस्थान रोडवेज’ स्थापित किया गया. हैंडीक्राफ्ट जैसे स्थानीय उद्योगों की भी पड़ी नींव हस्तकला उद्योग या हैंडीक्राफ्ट (Handicraft) भी राजस्थान की अर्थव्यवस्था में पर्याप्त योगदान देने वाला क्षेत्र रहा है. 70 के दशक में ही इसकी नींव पड़ी. जयपुर के हीरे-जवाहरात, संगमरमर की मूर्तियां, पीतल पर खुदाई कार्य, मिट्टी राजस्थानी हस्तकला की प्रदर्शनियाँ लगाई गयी तथा कलाकारों एवं कुटीर उद्योग व्यवसायियों को खिलौने, ऊनी कालीन, जोधपुर की बँधेज और कशीदाकारी, बगरू, सांगानेरी एवं बालोतरा वस्त्र प्रिण्ट, जयपुर की ब्लू पॉटरी, कोटा डोरिया साड़ी, उदयपुर के लकड़ी के खिलौने और जैसलमेर की पत्थर की जालियां जैसे उद्योगो को राह मिली.
