नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को 13 इकाइयों का निवेश सलाहकार के रूप में पंजीकरण रद्द कर दिया, क्योंकि वे नवीनीकरण शुल्क का भुगतान करने में विफल रहीं।
नियामक ने अपने आदेश में कहा, “नोटिस प्राप्तकर्ताओं (13 इकाइयों) के निवेश सलाहकार के रूप में पंजीकरण प्रमाणपत्र को रद्द करने का मुख्य उद्देश्य अनजान निवेशकों द्वारा सेबी के साथ उनके समाप्त हो चुके पंजीकरण प्रमाणपत्र के दुरुपयोग को रोकना है।”
हालांकि, सेबी ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण रद्द होने के बावजूद ये इकाइयां निवेश सलाहकार के रूप में किए गए किसी भी कार्य या चूक के लिए उत्तरदायी रहेंगी।
ये 13 इकाइयां- मंजीत सिंह वोहरा, तरुण कुमार सपरा, गौरी सुगन्या बी, संजय सुबोधचंद्र शुक्ला, शाजी जॉर्ज, रवि मित्तल, वीबीएस इन्वेस्टमेंट्स, रविशंकर के अय्यर, एमजी फंड्स, संदीप आहूजा, हर्ष अग्रवाल, वरुण जालान और गौरव केडिया हैं।
आदेश में कहा गया है कि यह देखते हुए कि संस्थाओं ने पंजीकरण को जारी रखने के लिए नवीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया है, तथा निवेश सलाहकार के रूप में उनके पंजीकरण प्रमाणपत्र की अवधि समाप्त हो गई है, सेबी ने उनके पंजीकरण रद्द कर दिए हैं।
सेबी (निवेश सलाहकार) विनियमन के तहत, प्रत्येक पंजीकृत निवेश सलाहकार को पंजीकरण को प्रभावी बनाए रखने के लिए सेबी से पंजीकरण प्राप्त होने की तिथि से प्रत्येक पांच वर्ष में नवीकरण शुल्क का भुगतान करना आवश्यक है।
भाषा अनुराग रमण
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